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आधनक गत सदरभ म: शकगत "परषरथ सहत" क ववचन

Published in International Journal of Sanskrit Research • Jan 1, 2019
NobleIDNI3P46W42R89S40
Authors:
डॉ. वन्दना रुहेला

Abstract

संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतमा भाषा होने के साथ-साथ वर्तमान में भी विपुल रचना संसार के साथ अपनी सशक्त उपस्थिति से प्रशंसनीय है। आज भी संस्कृत भाषा में अनेक विधाओं में प्रभूत साहित्य रचना हो रही है। वैश्विक संदर्भ में विभिन्न देशों की कविता शैलियों तथा अपने देश की ही पारंपारिक गीत शैलियों को संस्कृ...

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