भरतय ससकत म सपषणय परयवरणय चतन एक अवलकन
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Sep 6, 2017
NobleIDNI9P05W95R70S98
Authors:
PRAVIN PAL
Abstract
भारतीय दर्शन में आधुनिक पर्यावरण शब्द के पर प्रकृति तथा सृस्टि जैसे शब्दो उपयोग किया गया है प्राचीन भारतीय कूटनीतिज्ञ कौटिल्य ने अपने ग्रन्थ अर्थशास्त्र में सुनियोजित प्रशासन के साथ साथ पर्यावरण से सम्बंधित प्रावधानों का भी उल्लेख किया है वर्तमान में पर्यावरणीय चिंताएँ अत्यधिक महत्वपूर्ण गयी है क्यो...
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