‘महयग गर गरकषनथ क दरशन म वयषट-पड क सवरप’
Published in International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology • Jan 30, 2023
NobleIDNI3P73W29R14S44
Authors:
डॉ. गोविन्द प्रसाद मिश्र
Abstract
अपने समय में प्रचलित युग प्रवाह को मोड़कर परिस्थितियों को अपने अनुकूल बनाने वाले , तत्कालीन विचार, दर्शन व मत मतान्तरों के प्रवाह परिमार्जित कर उसके भीतर से सार्वयुगीन समग्र तत्व को प्रकट करने वाले दार्शनिक चिंतन से परिपूर्ण, योग मार्ग के उन्नायक महान सिद्ध योगी गुरु गोरक्षनाथ, नाथ सम्प्रदाय के प्रथम...
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