आदवस और खल झरखड रजय क वशष सदरभ म
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Jul 31, 2023
NobleIDNI1P96W30R87S89
Authors:
डॉ शाहनवाज कुरैशी
Abstract
खेल मानव जीवन का एक महत्वपूर्व अंग है, लेकिन आदिवासी समुदायों के आम जनजीवन का अभिन्न हिस्सा है. झारखंडी कहावत है-सेनगे सुसुन काजिगे दुरंग अर्थात चलना ही नृत्य है और बोलना ही संगीत है. प्रसिद्ध नागपुरी भाषाविद् डॉ गिरिधारी राम गौंझू के अनुसार नागपुरी समाज में नृत्य को खेइल या खेलेक (खेलना) भी कहा जात...
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