गरमण भरत म शकत सरचन तथ नततव एक समजशसतरय वशलषण
Published in Humanities and Development • Jun 6, 2022
NobleIDNI6P66W62R65S17
Authors:
पवन कुमार पाण्डेय
Abstract
ग्रामीण भारत में शक्ति संरचना प्राचीन काल से ही महत्वपूर्ण भूमिका में रहा है। सत्ता द्रव्य की भाँति किसी भी समाज के आर्थिक व्यवस्था और एकीकरण का आधार होता है। पारसन्स के अनुसार, सत्ता सामान्य प्रकार की क्षमता है जो किसी सामूहिक व्यवस्था में अनेक इकाइयों से उनके भूमिकाओं को बलपूर्वक करता है। इसी क्रम...
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