आधनक भरतय परवश म परमपर एव परवरतन
Published in Humanities and Development • Dec 6, 2021
NobleIDNI6P71W50R34S45
Authors:
योगेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी
Abstract
परिवर्तन की प्रक्रिया से दुनिया का कोई समाज अछूत नहीं रहा है, भारतीय सामाजिक व्यवस्था में भी समय के साथ अनेकानेक परिवर्तन हुए है। स्वतंत्रता के पश्चात् भारत में छः दशक के पश्चात् कृषि के साथ उद्योगों में क्रान्ति देखी जा सकती है। आत्मनिर्भता, उत्पादकता, उद्यमशीलता में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा सकती ...
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