समजवद आदलन क परतबब ह अलमड़ क कल बगर आदलन
Published in International Journal of Political Science and Governance • Jan 1, 2024
NobleIDNI7P81W92R81S25
Authors:
डाॅ. अर्चना लोहनी
Abstract
कुली बेगार प्रथा उत्तराखण्ड में कत्यूरी शासकों के समय से चली आ रही थी। इस प्रथा में गाॅव के लोग राजा व उसके दरबारियों के गाॅव में आने पर नि;शुल्क सेवा किया करते थे। यह प्रथा कत्यूरी शासकों से लेकर गोरखा वंश तक इसी प्रकार चलती रही किसी ने इसका खास विरोध नहीं किया। 1815 में कुमाऊॅ कमीश्नरी की स्थापना ...
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