भरतय दरशन म करम क अवधरण भगलक सदरभ म
Published in International Journal of Reviews and Research in Social Sciences • Jun 30, 2024
NobleIDNI9P71W95R84S81
Authors:
शिवलाल धाकड
Abstract
कर्म-सिद्धान्त, जहाँ तक वर्तमान जीवन का सम्बन्ध है, भाग्यवाद को प्रश्रय देता है, क्योंकि वर्तमान जीवन अतीत जीवन के कर्मों का फल है। परन्तु जहाँ तक भविष्य जीवन का सम्बन्ध है यह मनुष्य को वर्तमान शुभ कर्मों के आधार पर भविष्य जीवन का निर्माण करने का अधिकार प्रदान करता है। इस प्रकार कर्म-सिद्धान्त भाग्य...
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