परचन भरतय जञन परमपर एव ससकत कथ सहतय
Published in International Journal of Sanskrit Research • May 1, 2025
NobleIDNI3P60W68R76S24
Authors:
उमाशंकर सोनी
Abstract
प्राचीन भारतीय समाज एवं संस्कृति ने आध्यात्मिक ज्ञान को अत्यधिक महत्त्व दिया है। भारतीय ज्ञान परम्परा में विश्व की सर्वाधिक बौद्धिक सम्पदा सन्निहित है। भारत की इस अविरल ज्ञान परम्परा का प्रवाह वैदिक वाङ्मय से लेकर समकालीन चिंतन की परम्परा में अनवरत विद्यमान है। इसमें दर्शन, नीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र,...
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