''सहतय म र ग-रग''
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Sep 12, 2017
NobleIDNI6P46W04R98S10
Authors:
डा ॅ. शा ेभना जा ेशी
Abstract
सम्पूर्ण प ्रकृति और मनुष्य समाज; संव ेदनशील रचनाकार इन दोना ें के बीच रहते हुए, इनसे अपने रिश्ते जा ेड़ता ह ै, अनुभव लेता ह ै। उसका अपना भावा ें और विचारांे का, सपना ें और कल्पनाओं का, आशा आ ैर आकांक्षाओं का, एक संसार निर्मित होता ह ै, जा े आंतरिक होता ह ै। इसकी अभिव्यक्ति की प्रखर अभिलाषा के साथ व...
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