ववकनद क मनव धरम एक ऐतहसक परपरकषय म वशलषण
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Jun 27, 2025
Authors:
डॉ. यशवंतराज
Abstract
इस लेख में विवेकानन्द के मानवतावादी दृष्टिकोण को ऐतिहासिक संदर्भ में उनके मानव धर्म, दरिद्रनारायण की अवधारणा और सेवा भाव के माध्यम से विश्लेषित किया गया है। उनकी सोच में आध्यात्मिक और ईश्वरीय विचारधारा भी समाहित रही। उन्होंने मानव सेवा को ईश्वर सेवा के समान माना। उनका विश्वास था कि सच्ची सेवा मानव स...
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