सत बनम ज क कवय क अभवयजन-कशल
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Mar 31, 2017
Authors:
सतीश कुमार
Abstract
किसी भी साहित्य के भाव पक्ष (अभिव्यक्ति पक्ष) और कला पक्ष (अभिव्यंजना-पक्ष) अनिवार्यतः स्वीकार किए गए हैं। भाव पक्ष अथवा अभिव्यक्ति पक्ष मंे रचनाकार अपने भावांे को जनमानस तक पहुँचाता है। दूसरे शब्दांे, में यदि कहें तो यह कह सकते हैं कि रचनाकार अपनी रचना के माध्यम से जो संदेश समाज को देना चाहता है, उ...
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