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सन सगत म शसतरय परयग

Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Sep 6, 2017
NobleIDNI7P79W97R27S63
Authors:
प ंकज चा ेपडा

Abstract

सृष्टि के आरम्भ से मानव आनंद की खोज मे ं भटकता रहा ह ै। इसकी कल्पना, इस सृष्टि के साथ तालमेल स्थापित करती रही ह ै और यह कल्पना ही, कलात्मक प्रवृत्ति को मूर्त रूप देने की कोशिश करती रही है। प्रकृति के सा ैन्दर्य का े स्थायित्व प ्रदान करते क े लिए ललित कलाओं का जन्म हुआ आ ैर ललित कलाओं में सबसे ऊँचा ...

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