बदध कल म शकष एव चकतस क परमख कनदर क सकषपत ववरण ववरण
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Jun 24, 2024
NobleIDNI8P22W72R91S96
Authors:
सतीश कुमार
Abstract
प्राचीन शिक्षा के केन्द्रों में शिक्षण कार्य भिक्षु करते थे, इनके निर्वाह का प्रबंध विद्यालय की ओर से रहता था । भारत में शिक्षा संस्थाओं का जन्म मठो या बौद्ध विहारों से हुआ है । महात्मा बुद्ध ने उपासकों की विधिवत शिक्षा-दीक्षा पर बहुत जोर दिया था । दस वर्ष तक अध्ययन करने के बाद उपासकों को श्प्रव्रज्...
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