२१ व सद क उपनयस म चतरत हशए क समज
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Jan 14, 2024
Authors:
प्रोफेसर (डॉ.) विनायक बापु कुरणे
Abstract
भारतीय समाज में कई जातियॉं अनेक सदियों और पीढ़ियों से शोषित और उपेक्षित रहीं हैं। यह जातियॉं समाज का महत्त्वपूर्ण हिस्सा होने के बावजूद भी उन्हें हाशिए की जिंदगी जीना पड रहा हैं। समाज की मुख्यधारा से दूर हाशिए पर रहने वाली इन जनजातियों को तनाव, बेचैनी, अलगाव, अस्थायीपन, अशांत, शारीरिक क्लेश आदि का स...
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