स गत आ र समज
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Sep 7, 2017
NobleIDNI1P28W89R02S62
Authors:
डा ॅ. सीमा सक्सेना
Abstract
्रकृति का मूल सिद्वान्त ह ै कि मनूष्य न े अपनी नैस ेर्गिक आवष्यकताओं क े लिये समाज क े अवलम्ब को अवधारित किया उसे अपने सुखःदुख की हिस्सेदारी एव ं व्यवहारिक बल व असुरक्षा से बचकर क े लिये समाज की सृष्टि करनी पड़ी अथवा समाज की शरण में जाना पड़ा। बाल्यकाल, युवावस्था, व ृद्वावस्था, अथवा यह कहा जाये कि ज...
Finding related papers...
Discussions
(0)No comments yet
Be the first to share your thoughts!