परकत, परम और भकत: वदयपत क कवत क आधयतमक आयम क अनवरण
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Sep 24, 2024
NobleIDNI6P13W61R79S48
Authors:
Tiwari Shashank
Abstract
प्रस्तुत लेख विद्यापति की श्रृंगार (प्रेम प्रसंगयुक्त और कामुक भावना) कविता की सृजनात्मक सार का अवलोकन करता है जिसमें इसकी संवेदनशीलता और आध्यात्मिकता का अनूठा मिश्रण उजागर किया गया है। विद्यापति, जो 14वीं सदी के मैथिली कवि हैं, अपने प्रेम की जीवंत चित्रण के लिए प्रसिद्ध हैं, विशेष रूप से उनके राधा ...
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