वरतमन सनदरभ म सवम ववकननद क शकषक वचर क परसगकत
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Jun 3, 2025
Authors:
राजेन्द्र कुमार जायसवाल
Abstract
‘‘वसुधैव कुटुम्बकम‘‘ केवल भारत की एक दार्शनिक आत्म-अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि सिन्धु घाटी सभ्यता की प्राचीन परम्परा से भारत वैश्वीकरण की भावना का एक प्राचीन अनुगामी रहा है। स्वामी विवेकानन्द एक ऐसे महामानव है जिन्होंने ‘जीव से शिव‘ की परिकल्पना को साकार कर मानव निर्माणकारी धर्म और मानव निर्माणकारी दर...
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