परमचद क सहतय म जनभष क ससकतक पहचन
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Oct 4, 2025
NobleIDNI0P04W63R26S34
Authors:
डी.एम. मुल्ला
Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कथाकार प्रेमचंद के साहित्य में प्रयुक्त जनभाषा की सांस्कृतिक पहचान का गहन विश्लेषण करता है। प्रेमचंद ने साहित्य को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर, उसे यथार्थ और आदर्शवाद की धरती से जोड़ा। उनकी भाषा, जो हिंदी और उर्दू का सहज, सरल मिश्रण है और जिसे हिंदुस्ता...
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