प. गपनथ कवरज क सहतय म गर-शषय समबनध क महतत
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Nov 9, 2025
NobleIDNI3P45W56R38S71
Authors:
डॉ. उपेन्द्र बाबू खत्री एस. अलफिया अलवी
Abstract
प्राचीन काल से ही ज्ञान के विस्तार हेतु गुरु-शिष्य परम्परा का निर्वहन हो रहा हैं। गुरु-शिष्य संबंध एक अति महत्वपूर्ण विषयों में से एक हैं। परन्तु आज के युग में इस संबंध और परम्परा का निर्वहन धीरे-धीरे लुप्त होता दिखाई दे रहा हैं। गुरु-शिष्य की परम्परा सनातन संस्कृति या उससे भी पुराना भाषित होता हैं।...
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