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सवम ववकनद क वचर क वरतमन वशव क लए परसगकत

Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Dec 31, 2025
NobleIDNI5P92W40R62S40
Authors:
संदीप कुमार तिवारी
,
डॉ॰ साधना त्रिपाठी

Abstract

सारः- स्वामी विवेकानंद का दर्शन केवल उन्नीसवीं शताब्दी के भारत के पुनर्जागरण का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के उत्थान का दर्शन है। उनका चिंतन वेदांत की उस भावना पर आधारित है, जो समस्त सृष्टि में एकता और दिव्यता का बोध कराती है। विवेकानंद ने अद्वैत वेदांत के माध्यम से यह संदेश दिया कि प्रत्येक मनुष्य...

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