समपरण असततव म सत क सखय यग क गणतय ववचन
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Feb 20, 2026
Authors:
Santosh Shoonyam
Abstract
कोई ब्रह्माण्ड का जन्म जानना चाहता है जिन्तु जानते जानते उसकी स्वयं की मृत्यु हो जाती है , कोई दूसरे ब्रह्माण्ड को खोजना चाहता है , कोई बेबजह Metaverse में घूम रहा है जिस प्रकार धरती परिक्रमा कर रही है उसी प्रकार धरती के ज्ञान -विज्ञानं दर्शन भी घूम रहे है और घूम -घूम कर फिर वही आ जा रहे है I अतः ब्...
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