कदरनथ अगरवल क कवत म लक जवन क रग
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Oct 3, 2021
NobleIDNI2P728W837R408S602
Authors:
Dr. Sunil Kumar Dubey
Abstract
प्रस्तावना प्रगतिवादी काव्यधारा के कवि केदारनाथ अग्रवाल की कविताएँ पूर्णतः मानवीय बोध की कविताएँ हैं। यह मानवीय बोध इतना विराट है कि इसमें समस्त जीवन, प्रकृति और व्यापक मानवीय चेतना समाहित है। इनकी कविताओं में लोक-जीवन के रंग की पड़ताल वस्तुतः उनके काव्य-संसार में प्रवेश कर आत्मतत्त्व को प्रकाशित कर...
Finding related papers...
Discussions
(0)No comments yet
Be the first to share your thoughts!