आदवस कवत म परयवरण चतन
Published in Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research) • Jan 31, 2026
NobleIDNI7P95W26R34S49
Authors:
चांदणी लक्ष्मण पंचांगे
Abstract
आदिवासी समुदाय सदियों से प्रकृति के नजदीक रहा है। आदिवासी समाज का रिश्ता प्रकृति से जितना गहरा है, उतना किसी और समाज का नहीं। आदिवासी साहित्यकारों ने अपने काव्य में केवल प्रकृति की व्यथा नहीं कहते बल्कि वह मनुष्य की आत्मालोचन भी करते हैं। आदिवासी कविता में पर्यावरण चिंतन एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य वि...
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