ससकत भष–सहतय क वकस म ड. रधवललभ तरपठ क यगदन: एक समगर मलयकन
Published in International Journal of Sanskrit Research • Jan 1, 2024
NobleIDNI6P140W569R877S754
Authors:
अभिषेक कुमार झा
Abstract
आधुनिक संस्कृत साहित्य और शास्त्र-परंपरा के विकास में डॉ. राधावल्लभ त्रिपाठी का नाम एक युगप्रवर्तक आचार्य के रूप में स्थापित है। उन्होंने न केवल प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा, विशेषकर नाट्यशास्त्र और काव्यशास्त्र, का गंभीर अन्वेषण किया है, बल्कि आधुनिक संस्कृत रचनाधर्मिता को भी एक नई दिशा प्रदान की है...
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