परमचनदततर हद उपनयस म गरमण जवन-सघरष वशष सनदरभ: 'मल आचल'एव 'रग दरबर'
Published in mVedra • May 6, 2026
NobleIDNI9P998W754R351S621
Authors:
POOJA KUMARI
Abstract
हिंदी साहित्य में ग्रामीण जीवन का चित्रण हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन प्रेमचन्द के बाद यह और अधिक वास्तविक और गहराई से सामने आया है। पहले जहाँ गाँव को एक शांत और आदर्श स्थान के रूप में दिखाया जाता था, वहीं प्रेमचन्दोत्तर उपन्यासों में गाँव के असली रूप को प्रस्तुत किया गया है। इसमें वहाँ के संघर...
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