भरतय दरशन म मनव मलय और समकलन समज: एक दरशनक एव नतक अधययन
Published in International journal of applied research • Feb 1, 2017
NobleIDNI5P043W407R517S346
Authors:
प्रमोद कुमार दास
Abstract
भारतीय दर्शन मानव जीवन के समग्र विकास का दर्शन है, जिसमें नैतिकता, आध्यात्मिकता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का समन्वित स्वरूप परिलक्षित होता है। भारतीय दार्शनिक परम्परा में मानव मूल्य केवल व्यक्तिगत आचरण के आदर्श नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, न्याय, शांति एवं लोककल्याण की आधारशिला भी हैं। सत्य, अहिंस...
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