मध आचरय ‘आशवद’ क हनद उपनयस म मनवय सवदन क सवरप और अभवयकत
Published in Journal of Advances and Scholarly Researches in Allied Education • Oct 1, 2025
Authors:,
प्रियंका हर्ष
रश्मि चौहान
Abstract
हिन्दी उपन्यास परम्परा में मानवीय संवेदना व्यक्ति, समाज और समय के अंतर्संबंधों को समझने का एक महत्त्वपूर्ण आधार रही है। साहित्य का वास्तविक सरोकार केवल जीवन-स्थितियों का विवरण प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि उन स्थितियों में निहित मानवीय अनुभूतियों, संघर्षों, पीड़ाओं, आकांक्षाओं, विडम्बनाओं और मूल्यों को ...
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