रंगमंच परम्परा में देवेन्द्र दीपक के काव्य नाटक
Published in International Journal of Education, Modern Management, Applied Science & Social Science • Oct 12, 2026
Authors:,
चन्द्र शर्मा
हनुमान सैनी
Abstract
काव्य नाटकों में रंगमंच की परम्परा अतिदीर्घकालिक रही है, क्योंकि काव्य नाटकों के उद्भव के साथ ही इनमें अभिनयात्मकता के रहते रंगमंचीय संकेतों का सुन्दर समन्वय देखा गया है। चूँकि काव्यनाटकों या गीतिनाटकों में अभिनय अथवा नाटकीयता की अपेक्षा भावप्रवणता अधिक प्रबल रहती है, अतैव इन्हें रंगमंचीय दृष्टि से ...
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